आखिर राजस्थान के पंचायत सरपंच चुनाव में कितनी देरी क्यों हो रही है? आखिर क्यों बार-बार तारीख टल रही है? और अब मामला सुप्रीम कोर्ट तक कैसे पहुंचा? आज इस आर्टिकल में हम यही जानेंगे।
आखिर क्या हुआ था
दोस्तों राजस्थान में पंचायती चुनाव यानी सरपंच और पंचायती चुनाव समिति चुनाव हर 5 साल में होने चाहिए।
लेकिन इस बार चुनाव काफी समय से अटके पड़े हैं।
पहला कारण- Voter List
राज्य सरकार ने Special Intensive Revision यानी SIR चलाया, जिसमें वोटर लिस्ट को दोबारा चेक करना था।
लेकिन कई संगठनों और विपक्षी दलों ने कहा कि—
SIR गलत तरीके से किया गया,
बहुत लोगों के नाम हटाए गए,
कई जगह गड़बड़ियां मिलीं।
इसलिए मामला सीधे हाई कोर्ट पहुंच गया।
HIGH COURT की रोक
राजस्थान हाई कोर्ट ने कोर्ट ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर सुनवाई करते हुए पंचायत चुनावों पर अस्थायी रोक (Stay Order) लगा दी। इस आदेश के बाद चुनाव प्रक्रिया रुक गया। राज्य सरकार और चुनाव आयोग – दोनों ही चुनाव कराना चाहते थे, लेकिन कोर्ट का आदेश होने के कारण रुकना पड़ा।”
मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा
अब इस मामले को चुनौती दी गई है और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है कि
वोटर लिस्ट में क्या दिक्कतें हैं?
SIR प्रक्रिया सही हुई या नहीं?
क्या चुनाव तुरंत कराए जा सकते हैं?
यानी अब फाइनल फैसला सुप्रीम कोर्ट करेगा कि चुनाव टालने चाहिए या तत्काल कराने चाहिए।”
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है कि
वोटर लिस्ट में क्या दिक्कतें हैं?
SIR प्रक्रिया सही हुई या नहीं?
क्या चुनाव तुरंत कराए जा सकते हैं?
यानी अब फाइनल फैसला सुप्रीम कोर्ट करेगा कि चुनाव टालने चाहिए या तत्काल कराने चाहिए।”
देरी के कारण क्या-क्या थे
वोटर लिस्ट के अलावा दो और बड़ी वजहें भी हैं।
OBC और अन्य आरक्षण की समीक्षा।
आरक्षण की नई लिस्ट लागू करने को लेकर भी केस चल रहा है।
जब तक आरक्षण फाइनल नहीं होता, चुनाव कराना मुश्किल होता है।
मतदान सूची फ्रीज होना
जब केस कोर्ट में चला जाता है, लिस्ट को ‘फ्रीज’ कर दिया जाता है – उसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता।
इस वजह से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाती।
अब जनता पर असर
इस देरी का सीधा असर गांव में पड़ता है।
कई जगह महीनों से प्रशासन अधिकारी काम देख रहे हैं।
विकास कार्य रुक गए हैं।
गाँवों का बजट उपयोग नहीं हो पा रहा।
जनता को फैसले लेने के लिए चुना हुआ प्रतिनिधि नहीं मिल पा रहा।
अब आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई जैसे ही पूरी होगी, तीन में से कोई भी फैसला आ सकता है।
1.चुनाव तुरंत कराओ
2.वोटर लिस्ट फिर से अपडेट करो और फिर चुनाव कराओ
3.आरक्षण मामले के बाद ही चुनाव कराओ
यानी अगले कुछ हफ्ते चुनावी प्रक्रिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।
तो दोस्तों यह है पूरा मामला राजस्थान में सरपंच चुनाव समिति के चुनाव अटके हुए हैं

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